Diwali Rangoli Design: काली चौदस और छोटी दिवाली के मौके पर घर को सजाने की तैयारियां भी खास होती हैं। इस दिन लोग घर की साफ-सफाई के बाद मुख्य दरवाजे, आंगन और पूजा स्थल को रंगोली से सजाते हैं। मान्यता है कि सुंदर और स्वच्छ घर में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में पारंपरिक रंगोली बनाकर त्योहार की रौनक बढ़ाई जा सकती है।

काली चौदस को कई स्थानों पर भूत चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर मां काली की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली अपने भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं। इसलिए इस दिन धार्मिक प्रतीकों, फूलों और दीपकों से सजी रंगोली बनाने का विशेष महत्व माना जाता है।

साल 2026 में काली चौदस 7 नवंबर को मनाई जा रही है। अगर आप भी इस अवसर पर घर को पारंपरिक अंदाज में सजाना चाहते हैं, तो ये पांच रंगोली डिजाइन आपके काम आ सकते हैं।
माता लक्ष्मी के चरणों वाली रंगोली

काली चौदस और छोटी दिवाली पर माता लक्ष्मी के पदचिह्नों वाली रंगोली बनाना अच्छा विकल्प है। इसे घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल के पास बनाया जा सकता है। कम रंगों में तैयार होने वाला यह डिजाइन देखने में बेहद आकर्षक लगता है।
मोर वाली पारंपरिक रंगोली

अगर आप आंगन को खास लुक देना चाहते हैं, तो मोर की आकृति वाली रंगोली बना सकते हैं। मोर के पंखों में अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल करके डिजाइन को आकर्षक बनाया जा सकता है। पारंपरिक रंगोली पसंद करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।
फूलों से बनाएं खूबसूरत रंगोली

कम समय में रंगोली बनाने के लिए फूलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। गेंदे की लाल-पीली पंखुड़ियों और गुलाब के फूलों से सुंदर आकृतियां तैयार की जा सकती हैं। यह डिजाइन घर के आंगन और प्रवेश द्वार की सजावट में चार चांद लगा देगा।
दीये वाली रंगोली

दीपोत्सव में दीयों की सजावट का अपना अलग आकर्षण होता है। ऐसे में रंगोली के बीच दीपक की आकृति बनाकर उसके आसपास असली दीये सजाए जा सकते हैं। पूजा स्थल और मुख्य दरवाजे के पास यह डिजाइन बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।
रंगों के खूबसूरत मेल वाली पारंपरिक रंगोली

लाल, पीले, नारंगी, सफेद और काले रंगों के मेल से आकर्षक पारंपरिक रंगोली बनाई जा सकती है। इसके आसपास छोटे-छोटे दीपक रखने से सजावट और भी निखर जाएगी। यह डिजाइन छोटी दिवाली और काली चौदस, दोनों के लिए उपयुक्त है।


