Jana Nayagan Movie Release: साउथ सुपरस्टार विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म Jana Nayagan की रिलीज को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। यह याचिका फिल्म निर्माता KVN Productions LLP की ओर से दाखिल की गई थी।
हालांकि, इस आदेश के तुरंत बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष इस फैसले के खिलाफ रिट अपील दाखिल करने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ में होगी तत्काल सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने CBFC की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ए.आर.एल. सुंदरासन की अपील पर त्वरित सुनवाई के अनुरोध को मंजूरी दे दी है।
बताया गया है कि यदि मामला शुक्रवार दोपहर तक सूचीबद्ध हो जाता है तो उसी दिन सुनवाई होगी, अन्यथा 12 जनवरी (सोमवार) को इस पर विचार किया जाएगा।
क्यों पहुंचा मामला अदालत तक?
फिल्म के निर्माताओं ने अदालत को बताया कि CBFC की एग्जामिनिंग कमेटी पहले ही Jana Nayagan को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने की सिफारिश कर चुकी थी। इसके बावजूद बोर्ड के चेयरमैन ने बिना कारण बताए फिल्म को रीवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया, जिससे रिलीज में देरी हुई।
₹500 करोड़ के निवेश पर संकट
निर्माता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश परासरण ने दलील दी कि फिल्म पर करीब ₹500 करोड़ का निवेश किया गया है और इसकी वैश्विक रिलीज 9 जनवरी को तय थी। लेकिन CBFC ने एग्जामिनिंग कमेटी की सिफारिश को अस्वीकार करने की सूचना 5 जनवरी को दी, जिससे पूरी रिलीज योजना प्रभावित हो गई।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म 18 दिसंबर को ही सर्टिफिकेशन के लिए जमा कर दी गई थी, इसके बावजूद अंतिम समय तक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
CBFC की दलील
CBFC की ओर से पेश ASG ने अदालत को बताया कि एग्जामिनिंग कमेटी के पांच सदस्यों में से एक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने कहा कि सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) नियम, 2024 के तहत CBFC चेयरमैन को यह अधिकार है कि यदि वह सिफारिश से संतुष्ट न हों, तो फिल्म को रीवाइजिंग कमेटी के पास भेज सकते हैं।
ASG ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत सीधे सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश नहीं दे सकती, बल्कि केवल बोर्ड को तय समयसीमा में वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दे सकती है।
Pongal Release पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें मद्रास हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि फिल्म को Pongal Festival Release के तौर पर उतारने की पूरी तैयारी है। अदालत के अंतिम फैसले से ही यह तय होगा कि Jana Nayagan तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज हो पाएगी या नहीं।


