Muscle Cramps in Summer: जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मसल्स क्रैम्प की समस्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के पास इन दिनों ऐंठन, नस चढ़ना और मांसपेशियों में अकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
खास बात यह है कि इन मामलों में महिलाओं की संख्या ज्यादा देखी जा रही है, जिनमें पेट से जुड़े क्रैम्प भी शामिल हैं।
क्या होता है क्रैम्प और क्यों होता है?
मसल्स की अचानक और अनियंत्रित संकुचन की स्थिति को क्रैम्प कहा जाता है। आम भाषा में इसे ‘नस चढ़ना’ भी कहा जाता है। यह समस्या हल्की भी हो सकती है और कई बार बेहद दर्दनाक भी बन जाती है। महिलाओं में पेट के क्रैम्प अक्सर पीरियड्स से जुड़े होते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में Dysmenorrhea कहा जाता है।
डिहाइड्रेशन बना सबसे बड़ा कारण
गर्मी के मौसम में क्रैम्प का सबसे बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन है। ज्यादा पसीना आने से शरीर से पानी के साथ जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं, जिससे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है। सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी होते हैं, और इनकी कमी से ऐंठन का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा एक्टिविटी भी बढ़ा रही परेशानी
गर्मी में ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी, आउटडोर एक्सरसाइज या ट्रैवल करने से भी मसल्स पर दबाव बढ़ता है। अगर इस दौरान शरीर को पर्याप्त पानी और पोषण नहीं मिलता, तो थकान के साथ-साथ क्रैम्प की समस्या और गंभीर हो सकती है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है।
घर पर कैसे करें मैनेज?
क्रैम्प से बचाव और राहत के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना। दिनभर पर्याप्त पानी पीने के साथ नारियल पानी और ORS लेने से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है। संतुलित आहार में केला, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और हरी सब्जियां शामिल करना फायदेमंद होता है।
तुरंत राहत के लिए अपनाएं ये तरीके
अगर क्रैम्प हो जाए तो प्रभावित जगह पर गर्म सिकाई करने से तुरंत राहत मिलती है। हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल खासकर पेट के दर्द में काफी असरदार होता है। हल्की स्ट्रेचिंग और योग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों की अकड़न कम होती है।
कब हो जाए अलर्ट?
आमतौर पर क्रैम्प अस्थायी होते हैं, लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
महिलाओं में अगर क्रैम्प के साथ हेवी ब्लीडिंग या अनियमित पीरियड्स हो रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
इसके अलावा सूजन, लालिमा, चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या Endometriosis।
सावधानी से ही बचाव संभव
गर्मी में क्रैम्प होना आम है, लेकिन सही आदतें अपनाकर इससे बचा जा सकता है। हाइड्रेशन, संतुलित डाइट और शरीर के संकेतों को समझना ही इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका है।


