Fri. Jun 21st, 2024

फटी एड़ियां सुनने में मामूली सी परेशानी लगती हैं, लेकिन ये असल में कई तरह की मुश्किलों का सबब बन जाती हैं। ये न सिर्फ लुक को बिगाड़ती हैं, बल्कि क्रैक हील्स के चलते ऐसे फुटवेअर्स पहनना भी मुश्किल हो जाता है, जिनमें से एड़ियां नजर आती हों। ये ओवरऑल कॉन्फिडेंस को प्रभावित करता है। धीरे-धीरे इनमें दर्द और जलन की समस्या भी होने लगती है। फटी हुई एड़ियों के कारण चलने-फिरने में काफी दर्द होता है। फटी हुई एड़ी की वजह से कभी-कभी इन्फेक्शन होने का खतरा भो हो जाता है। तो चलिए आज हम घरेलु नुश्कों के बारे में जानते जिनसे हम अपनी फटी हुई एड़ियां ठीक कर सकते हैं।

रात को सोने से पहले करें ये काम

  • रात को सोने से पहले अपने पैरों को अच्छे से धो लें और एड़ियों को माइल्ड स्क्रब से साफ करें।
  • इन्हें अच्छे से टॉवल ड्राइ करें और फिर हवा से सूख जाने दें।
  • अब एड़ियों पर वैसलीन की मोटी परत लगाएं और हाथों के सर्कुलर मोशन से उसे अंदर अब्जॉर्ब हो जाने दें।
  • इसके ऊपर कॉटन के सॉक्स पहनें और रातभर पैरों को ऐसा ही रहने दें।
  • सुबह उठने पर आपको अपनी एड़ियों में फर्क साफ नजर आएगा। इस तरीके को आप जितनी बार अपनाएंगी, असर भी उतना जल्दी और प्रभावी दिखाई देगा।

गुलाब और दूध का इस्तेमााल करें

गुलाब में नेचुरल हीलिंग गुण होते हैं और दूध भी नेचुरल मॉइस्चराइजर का काम करता है। अगर आपकी एड़ियां फटी हैं तो आप उन्हें ठीक करने के लिए पैरों को मिल्‍क बाथ भी दे सकते हैं। इससे आपके पैर मुलायम बनेंगे और एड़ियां भी जल्‍द ठीक हो जाएंगी। गुलाब और दूध का प्रयोग करने से आपकी एड़ियां नैचुरली हील हो जाती जिससे की उनमें नेचुरल कोमलता आ जाती है।

नारियल और बादाम का तेल

आप चाहें तो घर में मौजूद खोपरे या बादाम के तेल को लगाया जा सकता है। इन दोनों ही ऑइल्स में डीप हाइड्रेशन देने की क्षमता होती है। इनका फॉर्म लिक्विड होता है, जिससे स्किन में भी ये जल्दी और ज्यादा अच्छे से अब्जॉर्ब हो जाते हैं। वहीं इनमें मौजूद तत्व हीलिंग को भी तेज करते हैं।

चावल से करें फटी एड़ियों का इलाज

मृत त्वचा निकालने के लिए यह उपाय काफी असरदार साबित होता है। चावल के आटे, शहद और सेब के सिरके का प्रयोग कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट का प्रयेग अपनी एड़ियों पर अच्छी तरह से कर लें। यह एड़ी को हील करने की रामबाण दवा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *