Siddhartha Bhaiya: प्रसिद्ध पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) फंड मैनेजर और एक्विटास इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी के संस्थापक सिद्धार्थ भाईया का 31 दिसंबर 2025 को अचानक निधन हो गया। वे मात्र 47 वर्ष के थे। न्यूजीलैंड में परिवार के साथ छुट्टियां मनाते समय उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। एक्विटास ने 2 जनवरी 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की।
सिद्धार्थ भाईया दलाल स्ट्रीट पर स्मॉलकैप मल्टीबैगर स्टॉक्स की पहचान करने के लिए मशहूर थे। उन्होंने 2013 में एक्विटास की स्थापना की और इसे अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (UHNI) के लिए एक प्रमुख बुटीक एसेट मैनेजमेंट फर्म बना दिया। जनवरी 2026 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 7,700 करोड़ रुपये था। उनके नेतृत्व में फर्म ने बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन और अनडिस्कवर्ड स्मॉलकैप कंपनियों पर फोकस कर बेहतरीन रिटर्न दिए।
मार्केट को दी थी ‘एपिक बबल’ की चेतावनी
हाल ही में दिसंबर में मुंबई में एक वेल्थ समिट में सिद्धार्थ भाईया ने भारतीय शेयर बाजार पर कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने मौजूदा रैली को “एपिक अनुपात का बबल” करार दिया और कहा कि यह स्वस्थ बुल मार्केट नहीं है। निफ्टी का 20 गुना पीई वैल्यूएशन भ्रामक है, क्योंकि इसमें SBI, ONGC, NTPC जैसी PSU कंपनियां शामिल हैं, जिनमें रिटेल निवेशक कम निवेश करते हैं।
इनको हटाने पर आम पोर्टफोलियो का प्रभावी पीई 40 से ऊपर और मिडकैप-स्मॉलकैप में 50 से ज्यादा हो जाता है। SIP को उन्होंने “SWT” यानी सिस्टेमैटिक वेल्थ ट्रांसफर बताया, जहां रिटेल निवेशकों की लगातार खरीदारी के साथ प्रमोटर्स बिकवाली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों में आई ज्यादा पूंजी के कारण बाजार में भारत ग्रोथ स्टोरी का शोर है, लेकिन यह स्वस्थ नहीं है।
एक्विटास का बयान: सिद्धार्थ की विरासत जारी रहेगी
एक्विटास ने बयान में कहा कि सिद्धार्थ कंपनी की प्रेरणा शक्ति थे। वे न केवल दूरदर्शी निवेशक थे, बल्कि संस्था निर्माता भी, जो बौद्धिक ईमानदारी, अनुशासित निर्णय और लंबी अवधि की सोच पर जोर देते थे। उनकी कड़ी विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट उद्देश्य ने फर्म को मजबूत मूल्यों, प्रक्रियाओं और जवाबदेही की संस्कृति पर आधारित बनाया।
कंपनी ने आश्वासन दिया कि टीम उनके सिद्धांतों और दर्शन से पूरी तरह जुड़ी रहेगी। व्यक्तिगत और व्यावसायिक इस बड़ी क्षति के बावजूद, फर्म उनके बनाए संगठन और निवेशकों के लिए प्रतिबद्धता पर कायम रहेगी।
सिद्धार्थ भाईया चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और इक्विटी रिसर्च व फंड मैनेजमेंट में 25 साल से ज्यादा का अनुभव रखते थे। 2011 तक निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के PMS डिवीजन में सबसे युवा फंड मैनेजरों में से एक थे। हेलियोस कैपिटल के संस्थापक समीर अरोड़ा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
यह खबर निवेश जगत के लिए बड़ा झटका है। सिद्धार्थ भाईया की कमी हमेशा खलेगी।


