Akshaya Tritiya 2026: इस साल अक्षय तृतीया का पावन पर्व 20 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 10:39 बजे तक रहेगी। इसी दिन सुबह में तृतीया तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इस पर्व को और भी खास बना देता है।
इस बार मिलेगा दुर्लभ योग, पूजा का बढ़ेगा महत्व
अक्षय तृतीया पर इस बार कृतिका और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। सुबह 7:36 बजे तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। वहीं सौभाग्य योग शाम 7:38 बजे तक रहेगा और उसके बाद शोभन योग का प्रारंभ होगा। खास बात यह है कि इस दिन गणेश चतुर्थी का भी संयोग बन रहा है, जिससे दिन और भी शुभ हो गया है।
अबूझ मुहूर्त: बिना सोचे करें हर शुभ काम
अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में “अबूझ मुहूर्त” माना जाता है। यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, नई संपत्ति खरीदना, वाहन लेना या सोना-चांदी खरीदना—सब कुछ इस दिन बेहद शुभ माना जाता है।
पूजा का सबसे शुभ समय क्या है?
इस दिन मां मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व है। पूजा के लिए सबसे शुभ समय सुबह 7:40 बजे से 10:40 बजे तक रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:52 से 4:36 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:38 से 12:27 बजे तक रहेगा।
क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया?
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत मानी जाती है। साथ ही धन के देवता कुबेर को भी इस दिन विशेष आशीर्वाद मिला था। इसलिए इस दिन किए गए हर शुभ कार्य का फल अक्षय यानी कभी खत्म न होने वाला माना जाता है।
सोना खरीदना और निवेश क्यों है शुभ?
अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया निवेश जीवनभर लाभ देता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


