Sat. May 18th, 2024

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने साल 2020 के लिए नेशनल वाटर अर्वार्ड्स की घोषणा की। शेखावत ने ट्वीट कर कहा कि मैने आज नेशनल वाटर अवॉर्ड्स 2020 के विजेता की घोषणा की, मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रथम स्थान उत्तर प्रदेश द्वितीय स्थान राजस्थान और तृतीय स्थान तमिलनाडु को प्राप्त हुआ हैं।

शेखावत ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मैं तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों विशेषकर सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं क्योंकि इतने बड़े राज्य में जल प्रबंधन को उन्होंने बखूबी विस्तार दिया है जल जीवन मिशन में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन अनुकरणीय है।

हर साल होती है एक हजार बिलियन क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को अपनी कृषि, सिंचाई, औद्योगिक और घरेलू आवश्यक्ताओं को पूरा करने के लिए हर साल 1 हजार बिलियन क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत है। पानी का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन इसकी उपलब्धता कम हो रही है। बारिश के पैटर्न बदल रहे हैं, 2050 तक पानी की मांग 1 हजार बिलियन क्यूबिक मीटर से बढ़कर 1400-1500 बिलियन क्यूबिक मीटर हो जाएगी। इसलिए हमें सकारात्मक रवैया अपनाकर और प्रभावी कदम उठाकर एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।

लोगों में पानी के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत

शेखावत ने कहा कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सतही जल और भूजल जल चक्र का अभिन्न हिस्सा है। जल संसाधन प्रबंधन के प्रति समग्र दृषिकोण अपनाने के लिए हितधारकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जल पुरस्कार स्थापित करना आवाश्यक समझा गया था। इसके अलाव ये लोगों में पानी के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भी जरूरी था। इससे लोग पानी का उपयोग करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।

मुजफ्फरनगर सर्वश्रेष्ठ जिला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर को उत्तरी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ जिला का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके बाद पंजाब में शहीद भगत सिंह नगर को दूसरा पुरस्कार मिला है। दक्षिण में केरल में तिरुवनंतपुरम को सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार दिया गया और उसके बाद आंध्र प्रदेश में कडप्पा को ये पुरस्कार मिला है।

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